


रिपोर्टर= भव्य जैन
झाबुआ=गुरु-शिष्य परंपरा के पावन पर्व गुरु पूर्णिमा के अवसर पर शारदा विद्या मंदिर में भव्य और संस्कारमय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। विद्यालय प्रांगण में विद्यार्थियों और शिक्षकों ने मिलकर हवन यज्ञ किया, जिसमें सभी ने विश्व शांति और सद्गुणों की प्राप्ति के लिए आहुति अर्पित की। हवन स्थल को विशेष रूप से सूर्य की किरणों के आकार में विद्यार्थियों को बिठाकर सजाया गया, जो इस आयोजन का मुख्य आकर्षण रहा और प्रतीकात्मक रूप से ज्ञान के प्रकाश के प्रसार का संदेश देता दिखा।
कार्यक्रम में विद्यालय के नन्हे-मुन्ने बच्चों ने पांडव और द्रोणाचार्य की वेशभूषा में मंच पर आकर सभी का मन मोह लिया। उनके द्वारा प्रस्तुत किए गए भावपूर्ण श्लोक और संवादों ने उपस्थित जनों को महाभारत कालीन गुरु-शिष्य परंपरा की याद दिला दी।
इसके अतिरिक्त विद्यार्थियों ने समूह श्लोक उच्चारण, गुरु पूजन और सांस्कृतिक नृत्य प्रस्तुतियां दीं, जिनमें गुरु के प्रति कृतज्ञता और श्रद्धा का भाव स्पष्ट रूप से दिखाई दिया।
विद्यालय की संचालिका किरण शर्मा ने बच्चों को गुरु पूर्णिमा के ऐतिहासिक और आध्यात्मिक महत्व के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि “गुरु ही जीवन के अंधकार को मिटाकर प्रकाश की ओर ले जाते हैं। एक सच्चा गुरु हमें केवल ज्ञान ही नहीं देता, बल्कि जीवन जीने की सही दिशा भी दिखाता है।”
पूरे कार्यक्रम का आयोजन विद्यालय की प्राचार्या दीपशिखा तिवारी और उपप्राचार्य मकरंद आचार्य के मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
कार्यक्रम का संचालन हेमलता गुप्ता ने किया ।इस अवसर पर शिक्षक रोहित डावर और रीना शर्मा का सहयोग उल्लेखनीय रहा।
कार्यक्रम के अंत में सभी विद्यार्थियों मिलकर गुरुजनों का आशीर्वाद प्राप्त किया।










